(42) है अपना दिल तो आवारा (1958)
पंकज खन्ना 9424810575 रेल संगीत-परिचय : ब्लॉग सीरीज को अच्छे से जानने के लिए। ब्लैक एंड व्हाइट फिल्में और गाने क्यों देखें या सुनें!? रेल संगीत पर अब तक लिखे गए लेख क्रमानुसार। है अपना दिल तो आवारा। गाना: है अपना दिल तो आवारा । फिल्म : सोलहवां साल (1958)। गायक : हेमंत कुमार। हीरो : देव आनंद। हीरोईन : वहीदा रहमान। गीतकार : मजरूह सुल्तानपुरी। संगीतकार :एसडी बर्मन। निर्देशक : राज खोसला। परदे पर: देव आनंद, वहीदा रहमान, सुंदर, जगदेव और बंबई की ऐतिहासिक लोकल ट्रेन। (यह गीत 1958 के बिनाका गीतमाला फाइनल में पहले स्थान पर रहा था।) जब भी रेल गीतों की बात होती है तो ये गीत लगभग सभी संगीत प्रेमियों और रेल प्रेमियों के जेहन में आ ही जाता है। अधिकतर दोस्त इस गाने और 'मेरे सपनों की रानी' का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। तो आज इस गाने का नंबर आ ही गया है, 40 रेल गीतों के लिखे जाने के बाद! अब आप ही सोचिए 'मेरे सपनों की रानी' का नंबर कब आएगा! (लगभग 85 रेल गीतों के बाद!)...