(39) ठोकर नसीब की जो खाकर
पंकज खन्ना 9424810575 रेल संगीत-परिचय : ब्लॉग सीरीज को अच्छे से जानने के लिए। ब्लैक एंड व्हाइट फिल्में और गाने क्यों देखें या सुनें!? रेल संगीत पर अब तक लिखे गए लेख क्रमानुसार। ठोकर नसीब की जो खाकर भी मुस्कुराए:) गाना: ठोकर नसीब की जो खाकर । फिल्म: मिस इंडिया (1957)। गायक: मन्ना डे। गीतकार: राजेंद्र कृष्ण। संगीतकार: एस डी बर्मन। हीरो: प्रदीप कुमार। हीरोइन: नर्गिस। निर्देशक: आई एस जौहर। परदे पर: नर्गिस, एक बूढ़ा भिखारी, उसके साथ दो बच्चे और अन्य रेल यात्री। मन्ना डे, राजेंद्र कृष्ण और एस डी बर्मन की टीम के इस इकलौते गीत के बोल पहले पढ़ लीजिए: ठोकर नसीब की जो खाकर भी मुस्कुराए:) ठोकर नसीब की जो खाकर भी मुस्कुराए:) इक रोज़ बढ़के मंज़िल, इक रोज़ बढ़के मंज़िल उसको गले लगाए। ठोकर नसीब की जो खाकर भी मुस्कुराए:) ठोकर नसीब की जो खाकर भी मुस्कुराए:) ये रंज ये मुसीबत किस्सा है जिंदगी का। गम को खुशी बनाना है का म आदमी का। गम को खुशी बनाना है काम आदमी का। इंसान क्या जो गम से इंसान क्या जो गम से घबरा के बैठ जाए ठोकर नसीब की जो खा...