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रेल संगीत पर पुस्तक क्यों नहीं?

पंकज खन्ना  9424810575 28/12/2024   रेल संगीत-परिचय : ब्लॉग सीरीज को अच्छे से जानने के लिए। रेल संगीत पर अब तक लिखे गए लेख क्रमानुसार। ब्लैक एंड व्हाइट फिल्में और गाने क्यों देखें या सुनें!? दोस्तों/पाठकों द्वारा पूछे गए प्रश्न और उनके उत्तर। इंदौर के SGSITS का रहस्यमई स्टीम इंजिन: बावा! बहुत सारे दोस्तों और पाठकों से ये सुझाव मिलता रहता है कि रेल संगीत पर एक किताब  प्रकाशित करा दी जाए। बार-बार ब्लॉग कौन देखेगा? सुनकर बहुत अच्छा लगता है कि शुभचिंतक दोस्त और पाठक इस विषय और ब्लॉग को प्रकाशित करने लायक समझते हैं। आप सभी लोगों के प्रोत्साहन से ही ये सारे ब्लॉग पोस्ट लिखे जा रहे हैं। लेकिन ब्लॉग लिखने और पुस्तक न लिखने के पीछे तीन कारण हैं। पहला कारण :  आज इतनी अधिक किताबों के लिखे जाने के पीछे की प्रथम मंशा प्रसिद्ध होने की है। अक्सर हम अपने काम को पसंद नहीं करते हैं; लेकिन एक लेखक, कवि, चित्रकार या अन्य किसी भी कारण से प्रसिद्ध होना चाहते हैं। यदि हम किसी काम को सचमुच पसंद करते हैं तो हमको इस बात की चिंता नहीं होनी चाहिए कि हम प्रसिद्ध हैं या नहीं। हमारी वर्तमान शिक्षा...

अब तक रेल संगीत पर लिखे गए लेख क्रमानुसार।

  पंकज खन्ना  9424810575   रेल संगीत-परिचय : ब्लॉग सीरीज को अच्छे से जानने के लिए। ब्लैक एंड व्हाइट फिल्में और गाने क्यों देखें या सुनें!? रेल संगीत पर अब तक लिखे गए लेख क्रमानुसार। दोस्तों/पाठकों द्वारा पूछे गए प्रश्न और उनके उत्तर। इंदौर के एस जी एस आई टी एस का रहस्यमई इंजिन। चालीस के दशक के गाने: (1)  आई बहार आज आई बहार   फिल्म: डॉक्टर(1941)। हिंदी फिल्मों का संभवतः पहला रेलगीत । हीरो, गायक और संगीतकार: पंकज मलिक। गीतकार:आरजू लखनवी । परदे पर: पंकज मलिक। (2)  चले पवन की चाल  । फिल्म: डॉक्टर (1941)। पहला  घोड़ा छाप  रेलगीत। हीरो, गायक और संगीतकार: पंकज मलिक। गीतकार: प्रदीप। परदे पर: पंकज मलिक। (3)   ये दुनिया तूफान मे ल (1942): फिल्म: जवाब ( पहला गीत जिसमें रेल का नाम आए।) गायिका और हीरोइन: कानन देवी।  हीरो : प्रथमेश बरुआ। गीतकार: पंडित मधुर।  संगीतकार: कमल दास गुप्ता। परदे पर: कानन देवी। (4) ये रेल हमारी घर की  फिल्म: स्टेशन मास्टर(1942)। बच्चों और हीरोइन द्वारा बनाई गई मानव रेल । गायक और हीरो: प्रेम अदीब।...

रेल संगीत: दोस्तों/पाठकों के प्रश्न और उनके उत्तर

पंकज खन्ना  9424810575 7/12/2024   रेल संगीत-परिचय : ब्लॉग सीरीज को अच्छे से जानने के लिए। ब्लैक एंड व्हाइट फिल्में और गाने क्यों देखें या सुनें!? रेल संगीत पर अब तक लिखे गए लेख क्रमानुसार। दोस्तों/पाठकों द्वारा पूछे गए प्रश्न और उनके उत्तर। इंदौर के एस जी एस आई टी एस का रहस्यमई इंजिन। जब से रेल संगीत पर ब्लॉग लिखना शुरू किया है तो काफी सारे प्रश्न पूछे जा रहे हैं। पूछे गए प्रश्नों के उत्तर नीचे दिए हैं: (1) कुल कितने लेख लिखे जाएंगे और कब तक?  उत्तर: अभी तक कुल 190 रेल गीत चिन्हित किए हैं। ये संख्या बढ़कर 200 से ज्यादा पहुंचने की पूरी उम्मीद है। मान सकते हैं कि अगर इन लेखों को तमीज के साथ लिखा जाए तो कम से कम दो वर्ष तो लग ही जायेंगे। इन सभी ब्लॉग पोस्ट को मिलाकर ebooks समय-समय पर लिख दी जाएंगी: अभी तक चिन्हित किए रेल गीत इस प्रकार हैं: (i) चालीस के दशक के रेलगीत । कुल 20 से 25  के बीच। (ii) पचास के दशक के रेलगीत । कुल से 22 से 30 के बीच। (iii) साठ के दशक के रेलगीत । कुल  45 से 50 के बीच। (iv) सत्तर के दशक के रेलगीत । कुल  35 से 40  के बीच। (v) अस्सी ...

क्यों देखें या सुने ब्लैक एंड व्हाइट गाने?

पंकज खन्ना ( 9424810575) रेल संगीत-परिचय : ब्लॉग सीरीज को अच्छे से जानने के लिए। ब्लैक एंड व्हाइट फिल्में और गाने क्यों देखें या सुनें!? रेल संगीत पर अब तक लिखे गए लेख क्रमानुसार।                               (सांकेतिक फोटो) ब्लैक एंड व्हाइट फिल्मों और गानों से लोग दूर भागते हैं। नौजवान पीढ़ी में अपवादों को छोड़कर कोई भी इतने पुराने गानों या फिल्मों या स्टीम इंजन वाली रेलों को पसंद नहीं करता। और तो और हमारी पीढ़ी के भी कई लोग ये सब झेल नहीं पाते हैं। सफेद-काली फिल्में या गाने न देखने-सुनने के पीछे उनका उत्तर बड़ा आसान होता है! दोयम दरजे की रिकॉर्डिंग, रंगों, तकनीक, संसाधनों का अभाव, अपरिचित कलाकार, धीमा संगीत, कभी-कभी अस्पष्ट संगीत, पूरे कपड़े पहने हीरोइन, बचकाना हास्य आदि। और एक बात जो कुछ लोग बोलते नहीं हैं पर हम समझ सकते हैं:  इस शौक से रईसी कैसे झाड़ें!?  और बहुत सारे लोग पूछ बैठते हैं कि क्यों देखें सफेद काले गाने जब रंगीन विकल्प उपलब्ध है? इस लेख में इसका उत्तर देने की ईमानदार कोशिश की है। पहले क...