(27) देख तेरे संसार की हालत (1954)
पंकज खन्ना 9424810575 रेल संगीत-परिचय : ब्लॉग सीरीज को अच्छे से जानने के लिए। ब्लैक एंड व्हाइट फिल्में और गाने क्यों देखें या सुनें!? रेल संगीत पर अब तक लिखे गए लेख क्रमानुसार। आज का रेल गीत : संभवत: सबसे ज्यादा गंभीर रेल गीत है। इस गाने के चित्रण में भारत की स्वतंत्रता की खुशी न होकर देश के विखंडन की विकरालता और लाखों लोगों की त्रासदी दिखाई गई है कि कैसे किसी तरह जिंदा बचे, अधमरे देशवासी अपने ही अखंड देश से विस्थापित होकर खचाखच भरी ट्रेनों में पाकिस्तान से भारत लौट रहे हैं। इस गाने को सुनना, देखना और फिर इसके बारे में लिखना बहुत कष्टदायक है। लिखना तो पड़ेगा। गीत और गायन में कवि प्रदीप की सच्चाई जो है। कमाल का संगीत दिया है सी रामचंद्र ने। फिल्म का नाम है : नास्तिक (1954)। आई एस जौहर द्वारा लिखित और निर्देशित। (सी रामचंद्र और प्रदीप की जोड़ी ने दो अदभुत गाने इस देश को दिए हैं। एक तो ये है ही और दूसरा लता के आवाज़ में ए मेरे वतन के लोगों। ) गाने के बोल: देख तेरे संसार की हालत क्या हो गयी भगवान, कितना बदल गया इंसान..कितना बदल ग...